बदन मोरनी जैसा चुत गुलाब जैसी- Antarvasna Sex Story

मेरे और पायल के बीच में अब कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था क्योंकि पायल को मुझसे बहुत सारी शिकायत होने लगी थी जिससे कि मुझे भी लगने लगा कि अब मुझे पायल से अलग हो जाना चाहिए।

पायल और मैंने फैसला कर लिया था की हम दोनों अलग हो जाएंगे। हम दोनों की मुलाकात मुंबई में ही हुई थी हम दोनों जब एक दूसरे को पहली बार एक पार्टी में मिले तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगा और हम दोनों ने एक दूसरे का साथ देने का फैसला कर लिया था लेकिन मुझे नहीं पता था कि आज हम दोनों इस मोड़ पर खड़े हो जाएंगे कि मुझे पायल को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

पायल पूरी तरीके से बदल चुकी है उसके व्यवहार में काफी ज्यादा बदलाव आ चुका है और मैं पायल के इस व्यवहार से बिल्कुल भी खुश नही था। पायल कई बार पापा और मम्मी के साथ भी बहुत बुरा बर्ताव करती थी जिससे कि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था।

मैंने पायल को कई बार इस बारे में समझाने की कोशिश की लेकिन वह है कि मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं थी उसे जैसे मेरी बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था लेकिन अब मुझे भी पायल से कोई फर्क नहीं पड़ता था।

मैंने भी पूरी तरीके से फैसला कर लिया था कि मैं पायल के साथ नहीं रहूंगा और हम दोनों ने यह फैसला मिल कर लिया। मैंने पायल को डिवोर्स देने की बात कही तो उसने भी मुझे कहा कि अगर तुम्हें मुझे डिवोर्स देना है तो मुझे इसमे कोई प्रॉब्लम नहीं है।

पायल और मेरे बीच जल्द ही डिवोर्स होने वाला था और जब हम दोनों के बीच डिवोर्स हो गया तो उसके बाद मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि हम दोनों अब एक दूसरे से इतने दूर हो जाएंगे कि कभी हम दोनों की मुलाकात हो हीं नही पाएगी।

पायल ने बहुत जल्द शादी कर ली, मेरे और पायल के बीच डिवोर्स हो जाने के बाद पायल ने अपने ऑफिस में काम करने वाले लड़के से शादी कर ली और वह मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी।

पायल मेरी जिंदगी से दूर चली गई मैं भी अब आगे बढ़ चुका था मैं अपने काम पर ध्यान देने लगा था और पायल के बारे में मैं भूलने की कोशिश कर रहा था।

यह सब इतना आसान नहीं था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को पिछले 5 सालों से जानते थे मेरे लिए पायल को भुला पाना इतना आसान नहीं था परंतु उसके बाद भी मैंने कोशिश की और मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने लगा।

मैं अब अपने दोस्तों से ज्यादा मिला नहीं करता था क्योंकि मुझे अब किसी से भी मिलना पसंद नहीं था। जब मैं एक दिन अपने पापा के कहने पर पार्टी में गया तो उस दिन मैंने देखा कि एक लड़की जो कि अकेले टेबल पर बैठी हुई थी मुझे नहीं पता था कि उसके मन में क्या चल रहा है और वह क्यों इतनी परेशान है।

मैंने सोचा कि उससे मैं बात कर लूँ जब मैंने उस लड़की से बात की तो उसने मुझे बताया कि उसके और उसके बॉयफ्रेंड के बीच में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है वह भी अपने रिलेशन से परेशान थी।

मैंने जब उससे कहा कि तुम अपने रिलेशन से परेशान हो तो वह मुझे कहने लगी कि हां मैं अपने रिलेशन से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। मैंने उस लड़की का नाम पूछा उसका नाम आशा है वह बहुत ज्यादा परेशान लग रही थी लेकिन उसने जब मुझसे बात की तो उसे अच्छा लगा।

आशा से बात कर के तो मुझे भी अच्छा लगा और मैंने आशा को अपना नंबर दे दिया था जब मैंने उसे अपना नंबर दिया तो उसके बाद आशा का मुझे एक दिन फोन आया और वह मुझसे बातें करने लगी।

हम दोनों की बातें होने लगी थी हम दोनों एक दूसरे से काफी बातें करने लगे थे। मैं आशा से मिलना भी चाहता था लेकिन आशा को मैं नहीं पाया था क्योंकि मैं अपने काम में ज्यादा ही बिजी रहता था इस वजह से मैं आशा को मिल नहीं पाया था लेकिन जब मैं आशा को मिलने के लिए पहली बार गया तो हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे।

उस दिन हम लोग कॉफी शॉप में बैठे हुए थे मैंने आशा को अपने बारे में बता दिया था तो आशा मुझे कहने लगी कि मुझे आपसे बात करके अच्छा लगता है। यह हम दोनों की अकेले में पहली मुलाकात थी मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैंने आशा से बात की मैं आशा से बात कर के बहुत खुश था और आशा भी मुझसे बात कर के काफी ज्यादा खुश थी।

उसे मुझसे बात करना बहुत ही अच्छा लगा और मुझे भी उससे बात करना अच्छा लग रहा था। हम दोनों की पहली मुलाकात काफी अच्छी रही और उसके बाद तो जैसे यह सिलसिला बढ़ने लगा था कहीं ना कहीं आशा मुझे पसंद करने लगी थी और मुझे नहीं मालूम था कि आशा जल्द ही अपने दिल की बात मुझसे कह देगी। आशा का सब्र अब खत्म हो चुका था और उसने मुझसे अपने दिल की बात कह दी।

आशा ने मुझसे अपने दिल की बात कही तो मैं बहुत ज्यादा खुश हुआ और आशा भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी हम दोनों एक दूसरे का साथ पाकर बहुत खुश थे और मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था कि आशा के साथ मैं अपनी जिंदगी बिता पा रहा हूं।

जब से आशा मेरी जिंदगी में आई है तब से मेरे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है और मैं काफी ज्यादा बदल भी चुका था। आशा के मेरे जीवन में आने से मेरे जीवन में काफी खुशियां आ गई थी और मेरी जिंदगी में अब सब कुछ ठीक चलने लगा था यह सब आशा की वजह से ही हुआ था।

आशा अगर मेरे जीवन में नहीं होती तो शायद मेरी जिंदगी मैं कुछ भी ठीक नहीं चल रहा होता। मैं मानसिक रूप से परेशान था लेकिन आशा के मेरी जिंदगी में आ जाने से मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चलने लगा था। एक दिन मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस से घर लौट रहा था मैं जब रास्ते में था तो मुझे आशा ने फोन किया और मुझसे मिलने की बात कही।

मैं आशा को मिलने के लिए चला गया। मैं आशा को मिलने के लिए उसके घर पर गया। जब हम दोनों साथ में बैठे थे तो मैंने आशा को कहा आज तुमने मुझे घर पर बुला लिया।

आशा कहने लगी आज घर पर कोई भी नहीं था और मेरा तुमसे मिलने का बहुत ज्यादा मन था। मुझे नहीं मालूम था आशा के मन में क्या चल रहा है लेकिन उसकी हरकतों से मुझे सब पता चल गया था वह चाहती है कि हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले।

हम दोनों ने ऐसा ही किया। मैने आशा के गुलाबी होंठों को चूमना शुरू किया आशा को मजा आने लगा और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था मेरे और आशा के अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी।

हम दोनों के अंदर गर्मी इस कदर बढ़ने लगी थी ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही आशा। मैं समझ चुका था अब हम दोनों ही अपने आपको रोक नहीं पाएंगे इसलिए मैंने अपने लंड को बाहर निकालकर आशा के मुंह के सामने किया।

जब मैंने अपने लंड को आशा के मुंह के सामने किया तो आशा को मजा आने लगा आशा मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है।

मैंने आशा से कहा मुझे भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा है मैंने आशा के स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया था। मैं आशा के स्तनों का रसपान कर रहा था तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो रही थी और मुझे कहने लगी मेरी उत्तेजना को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है।

मैंने आशा को कहा तुमने भी तो मेरी उत्तेजना को काफी ज्यादा बढ़ा कर रख दिया है। आशा मुझे कहने लगी अब मुझसे रहा नहीं जाएगा मैंने आशा की योनि का रसपान किया। उसकी चूत को चाटकर मुझे अच्छा लग रहा था उसकी चूत बहुत ही ज्यादा गुलाबी थी।

मैंने उसकी चूत पूरी तरीके से गिली कर दी थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मेरे अंदर की आग भी अब बढने लगी थी। मैं भी अपने आपको रोक नहीं पाया।

मैंने आशा की योनि पर अपने लंड को लगाकर ऊपर नीचे करना शुरू किया। जब मैंने ऐसा करना शुरू किया तो आशा को मजा आने लगा और उसे इतना ज्यादा मजा आने लगा था कि वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा।

मैंने आशा को कहा था मुझसे भी नहीं रहा जाएगा। मैने आशा की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो आशा जोर से चिल्ला कर मुझे बोली मेरी चूत से खून निकाल रहा है। मैंने आशा को कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है अब मैं और आशा एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे। मैंने आशा से कहा क्या तुम्हारी सील इससे पहले किसी ने नहीं तोड़ी थी।

आशा कहने लगी मैंने कभी भी अपने बॉयफ्रेंड को अपने बदन को छूने का मौका ही नहीं दिया। मेरे लिए तो यह बहुत अच्छा पल था मैं आशा की चूत का मजा ले रहा था और उसे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जब मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था।

मेरे अंदर की गर्मी इतनी बढ़ गई थी एक समय ऐसा आया जब मैंने अपने वीर्य की पिचकारी से आशा की योनि को पूरी तरीके से नहला दिया। आशा को बहुत ही ज्यादा मजा आया जब मैंने आशा की चूत के अंदर अपने माल को गिरा दिया था।

मैंने अपने लंड को आशा की योनि से बाहर निकाला तो आशा मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने आशा को कहा अच्छा तो मुझे भी बहुत ज्यादा लग रहा है ऐसा लग रहा है जैसे आज तुम्हारी चूत मारकर मैं जन्नत में पहुंच गया हूं।

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